: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 16 दिन का इंतजार, डेढ़ घंटे का मंथन और पहली ही बॉल पर योगी का 'सिक्सर'

16 दिन का इंतजार, डेढ़ घंटे का मंथन और पहली ही बॉल पर योगी का 'सिक्सर'



सत्ता संभालने के 16 दिन बाद आखिरकार मंगलवार शाम योगी कैबिनेट की पहली बैठक हुई. लखनऊ में करीब डेढ़ घंटे की कैबिनेट मीटिंग में किसानों की कर्जमाफी समेत कई बड़े फैसले हुए. चुनाव में किसानों की कर्जमाफी का पीएम मोदी का वादा योगी सरकार ने आखिरकार पूरा किया. हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा एक लाख कर दी गई इससे छोटे और मंझोले किसानों को फायदा होगा. योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में हुए फैसले मुख्य रूप से 6 बातों की ओर इशारा कर रहे हैं जो योगी सरकार की दिशा और बीजेपी के मिशन 2019 की ओर से ले जाते दिख रहा है.

1. कर्जमाफी ठीक लेकिन 'सिर्फ किसानों को' फायदा 
योगी सरकार ने किसानों का 30,729 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया. इससे 86 लाख से अधिक लघु और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचेगा. इस फैसले का एक सबसे अहम पहलू है कि इस योजना के अंदर एक लाख रुपये तक का ऋण लेने वाले किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. मतलब कर्ज माफी को लेकर जो सवाल उठ रहे थे कि इससे गलत परंपरा बनेगी. लोग किसानों के नाम पर लोन लेंगे और चुकाने से बचेंगे कि चुनाव के समय माफ हो ही जाएगा. योगी सरकार के इस फैसले से ऐसे परंपरा पर रोक लगेगी. इसमें कृषि फसल, बीज, खाद आदि के लिए लिया गया लोन ही माफ होगी. खेती के नाम पर भैंस, ट्रैक्टर, इंजन खरीदने वालों के लोन माफ नहीं किए जाएंगे. ये एक दूरगामी नीति है जो अर्थव्यवस्था को चुनावी वादों को बोझ से बचाने की दिशा में मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है.

2. यांत्रिक बूचड़खानों पर ताला
योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भी बूचड़खानों को निशाने पर रखा गया. कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि सरकार के 16 दिन के भीतर यूपी के कुल 26 अवैध बूचड़खानों को बंद किया गया. योगी सरकार ने साफ किया कि अवैध बूचड़खाने नहीं चलेंगे. इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के दिशा निर्देशों का सरकार पालन करेगी. गौरतलब है कि योगी सरकार के सत्ता में आते ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में यांत्रिक और अवैध बूचड़खानों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू हुई और अब सरकार ने साफ कर दिया है कि ये सख्ती जारी रहेगी.

3. यूपी बनेगा इंडस्ट्रियल हब
चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने यूपी को देश के विकास का इंजन बनाने का वादा किया था. यही बीजेपी के मिशन 2019 का स्लोगन भी हो सकता है. पहली कैबिनेट में योगी सरकार ने इस दिशा में कदम भी बढ़ाया है. यूपी में बड़ी तादाद में पूंजी निवेश हो इसके लिए नई उद्योग नीति बनाने का फैसला लिया गया. इसके लिए पांच मंत्रियों का समूह बनाया गया है. जो अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की नीतियों का अध्ययन करेंगे और उसके आधार पर यहां लागू करने का सुझाव देंगे. कमेटी की अध्यक्षता डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा करेंगे. राजेश अग्रवाल, सतीश महाना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और श्रीकांत शर्मा सदस्य के तौर पर शामिल किए गए हैं.

4. एंटी रोमियो दस्ते का काम रहेगा चालू
विपक्षी दल जिस एंटी रोमियो दस्ते का विरोध कर रहे हैं योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में उसके काम की जमकर सराहना की गई. बताया गया कि महिला सुरक्षा पर कड़े कदम उठाते हुए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया गया था जो अच्छा काम कर रहा है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रेमी युगल को अनावश्यक परेशान न किया जाए.

5. अपराध और अवैध खनन पर सख्ती
योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते रहेंगे. अवैध खनन पर रोक के लिए केशव प्रसाद मौर्या की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह बनाया गया है. एक हफ्ते में रिपोर्ट आएगी फिर कार्रवाई शुरू होगी.

6. यूपी के विकास के केंद्र में किसान 
सीएम योगी ने सत्ता संभालने के साथ ही ऐलान किया था कि यूपी की तरक्की का केंद्र खेती को बनाया जाएगा. किसानों की कर्जमाफी के बाद अब आगे नई योजनाओं के साथ योगी सरकार इस दिशा में आगे बढ़ने जा रही है. बीजेपी के मिशन 2019 के लिए इसको आधार बनाने की तैयारी है. 5000 केंद्रों के जरिए 80 लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीद करेगी सरकार. अब फसल के समर्थन मूल्य का पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा. एमएसपी 1625 रुपये के अलावा प्रत्येक कुंतल पर 10 रुपये ढुलाई का भी भुगतान होगा.

किसानों से सीधे गेहूं खरीदा जाएगा. किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. आधार और जोताई के कागज देखे जाएंगे. किसान राहत बॉन्ड का भी ऐलान किया गया है. FRVM के मुताबिक डेबिट 3% से ऊपर नहीं जा सकते. इसको अब बॉन्ड से माफ करेंगे. इसे किसान राहत बॉन्ड कहा जाएगा. आलू किसानों के राहत के मद्देनजर इस बात की व्यवस्था की जा रही है कि उन्हें फसल का उचित मूल्य मिले. आलू की खरीद के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई. कमेटी की अध्यक्षता केशव प्रसाद मौर्

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