Budaun express is an online news portal & news paper news in Budaun .Badaun to keep you updateed with tha latest news of your own district covering

Breaking

April 20, 2017

बदायूं का कैदी 27 साल पहले पैरोल लेकर हो गया था फरार, पुलिस को अब आई याद



बदायूं -  प्रदेश में जबसे सरकार बदली है कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। जो कैदी पैरोल पर आने के बाद से फरार हो गया योगी आदित्यनाथ की सरकार आते ही पुलिस उसकी तलाश करने लगी।

कैदी को लेकर लखनऊ से बदायूं तक के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि कैदी के नहीं मिलने पर कई अधिकारियों पर गाज भी गिरना तय है। निजाम बदलने के बाद पुलिस विभाग भी स्वयं में बदलाव करने में लगी है।

यह है मामला: कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला परिपाली निवासी कामेश्वर पुत्र श्याम शरन का वर्ष 1973 में विवाद हो गया। विवाद के दौरान उसने एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी। हत्या की सूचना पर पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज उसे जेल भेज दिया। कोर्ट ने इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आजीवन कारावास की सजा वह जेल में काटने लगा। वर्ष 1990 में कामेश्वर ने कोर्ट में पैरोल पर बाहर आने की अर्जी दी। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए उसे एक माह के लिए पैरोल पर जाने का आदेश दिया। लेकिन इसके बाद वह नहीं आया। उसकी तलाश को लेकर तत्कालिन पुलिस ने सिर्फ कोटा पूरा किया। इसका नतीजा यह हुआ कि फाइलों के ऊपर फाइल आने से यह मामला दबता चला गया।

आईजी लॉ एंड आर्डर ने दिया आदेश: लगभग 27 वर्षों से कोटा पूरा कर अपनी नौकरी चलाने वाली पुलिस को उस समय झटका लगा जब इस मामले में कैदी को पेश कराने का आदेश आईजी लॉ एंड आर्डर ने 12 अप्रैल 2017 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महेंद्र यादव को दिया। एसएसपी ने इस मामले को कोतवाली पुलिस के हवाले किया। कोतवाल ने इस मामले को बीट सिपाही को सौंप दिया। इसके बाद कैदी की तलाश शुरू की गई। इस मामले को लेकर पुलिसकर्मियों में हड़कम्प मचा हुआ है।



दो जगह हुई तलाश, थम गई जांच: इस मामले को लेकर कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी शुरू की। सबसे पहले पुलिसकर्मी कागजात में दर्ज पते पर पहुंचे लेकिन पता चला कि उस मकान में उसका भाई रहता है। उसने वह मकान काफी समय पहले ही बेच दिया है। पुलिस ने अपने सूत्रों से ज्ञात किया कि कैदी की एक बहन बरेली में रहती है। बरेली में उस पते पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। पुलिसकर्मियों को आशंका है कि शायद अब कैदी इस दुनिया में नहीं हो लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।

No comments:

Post a Comment

zhakkas

zhakkas