: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : रंगबाजी और रंगीन मिजाजी के आरोप में नपे बिसौली इंस्पेक्टर

रंगबाजी और रंगीन मिजाजी के आरोप में नपे बिसौली इंस्पेक्टर



आईजी ने आरोपी को लाइन हाजिर करके मुकदमा लिखने के आदेश दिए

बिसौली इंस्पेक्टर संत प्रताप उपाध्याय को बरेली में एसएससी की तैयारी कर रही प्रधान की बेटी को अवंाछित मैसेज भेजना और दोस्ती न करने और ह्वाट्स एप पर ब्लाक करने की सजा के तौर पर बहाना बना कर उसके पिता को गिरफ्तार करना भारी पड़ गया। आईजी विजय प्रकाश ने कुछ साक्ष्य देखने के बाद पीड़िता की शिकायत पर आरोपी इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करके उसके  खिलाफ मुकदमा लिखने के आदेश दिए हैं।
मामला बदायूं जिले की बिसौली कोतवाली के बावेपुर गांव का है। यहां के प्रधान की बेटी शालू ठाकुर बरेली में अपने छोटे भाई के साथ रहकर एसएससी की तैयारी कर रही हैं। पांच फरवरी को शालू की छोटी बहन की शादी थी। इसके लिए टेंट लगाने को शालू के पिता अपने घर के सामने की जगह की सफाई करा रहे थे। उन्होंने सफाई के लिए परिवार के अरविंद को लगा दिया था। टेंट के लिए जगह कम पड़ने पर अरविंद शालू के घर के सामने की ग्राम पंचायत की जमीन की सफाई करानी शुरू कर दी। उस पर जमीन पर गांव के ही दिग्विजय सिंह उर्फ नन्हे ने कब्जा कर रखा है। नन्हें ने ग्राम पंचायत की जमीन की सफाई का विरोध करते हुए अरविंद के साथ मारपीट कर दी और कंट्रोल रूम को फोन करके पुलिस बुला दी। पुलिस अरविंद को थाने उठाकर ले गई। प्रधान ने थाने जाकर इंस्पेक्टर संत प्रताप उपाध्याय से बात करके अरविंद को छोड़ने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। कहने लगे कि आप अपनी बेटी की शादी के लिए टेंट कहीं और लगा लो। नन्हे गरीब है उसका ग्राम पंचायत की जमीन पर हक बनता है। मायूस होकर प्रधान ने बेटी शालू को बताया कि इंस्पेक्टर अरविंद को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इस पर शालू ने इंटरनेट से बिसौली कोतवाली का सीयूजी नंबर निकालकर सीधे इंस्पेक्टर से बात की। इस पर इंस्पेक्टर ने अरविंद को छोड़ दिया। शालू के पिता ने बेटी की शादी का इंतजाम दूसरी जगह कर लिया। इसके बाद भी नन्हे की बीवी नहीं मानी। उसने थाने जाकर शिकायत कर दी। इधर इंस्पेक्टर ने व्हाट्सएप पर शालू को पहले गुड मार्निंग, गुड इवनिंग और गुड नाइट के मैसेज भेजने शुरू किए इसके बाद वह साथ में डिनर और ब्रेकफास्ट करने के प्रस्ताव पर आ गए। शालू ने उनके कई मैसेज का जवाब भी दिया। इसके बाद इंस्पेक्टर ने शालू को चाय पर बुलाने को कहना शुरू कर दिया। आई मिस यू और आई लाइक यू, लव यू जैसे मैसेज आए तो शालू ने  इंस्पेक्टर को ब्लॉक कर दिया।
शालू का आरोप है कि इसके बाद इंस्पेक्टर के इशारे पर नन्हे ने 27 मार्च को कुछ साथी बुलाकर प्रधान के घर पर हमला कर दिया। नन्हे ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से प्रधान के घर पर फायरिंग भी की। डर की वजह से प्रधान घर में छुप गए और बेटी शालू को फोन कर दिया। शालू ने कंट्रोल रूम फोन करके पुलिस को भेज दिया। पुलिस मौके पर पहुंची प्रधान को ही थाने ले गई। जबकि फायरिंग नन्हे ने की थी। थाने पहुंचने पर मुंशी और इंस्पेक्टर ने प्रधान के साथ गाली-गलौज की। इसके बाद हवालात में डाल दिया। शालू ने इंस्पेक्टर को फोन किया तो कहने लगे मैं तो तुमसे कह रहा था आ जाओ। अभी भी आ जाओगी तो बहुत कुछ होने से बच जाएगा। इस पर शालू ने फोन काटकर बदायूं के डीएम और एसएसपी को फोन किया। डीएम का रात को फोन उठ गया, लेकिन कोई खास रिस्पांस नहीं मिला। एसएसपी का फोन ही नहीं उठा। नतीजा यह हुआ कि इंस्पेक्टर ने शालू के पिता का शांति भंग में चालान कर दिया। इंस्पेक्टर के उत्पीड़न से तंग आकर शालू ने शुक्रवार को आईजी से मुलाकात करके पूरी कहानी सुनाई। आईजी ने मामले को गंभीरता से लेकर इंस्पेक्टर को तुरंत लाइन हाजिर करके उसके खिलाफ मुकदमा लिखने के आदेश कर दिए।

इंस्पेक्टर बिसौली पर लड़की गंभीर आरोप लगा रही है। आरोपी को लाइन हाजिर करके उसके खिलाफ मुकदमा लिखाने के आदेश कर दिए हैं। देर रात को मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना होगी। इसके अलावा एसएसपी से इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट भी मांगी गई है- विजय प्रकाश, आईजी
       
मैंने कोई आपत्तिजनक या अश्लील मैसेज नहीं किया। सिर्फ साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। जांच में सारा सच सामने आ जाएगा कि छात्रा क्यों फंसाकर कार्रवाई कराना चाहती है। - संत प्रताप उपाध्याय, इंस्पेक्टर

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