: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : जानिए योगी सरकार ने किन शैक्षणिक संस्थानों से खत्म किया आरक्षण

जानिए योगी सरकार ने किन शैक्षणिक संस्थानों से खत्म किया आरक्षण



लखनऊः  ताबड़तोड़ फैसले लेने वाली यूपी की योगी सरकार ने अब आरक्षण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी ने राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों में से SC,ST और OBC का कोटा ख़त्म करने का आदेश पारित कर दिया है. आपको बता दें कि संविधान के मुताबिक देश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों को आरक्षण देने का प्रावधान है. लेकिन आरक्षण का यह नियम निजी संस्थानों और माइनॉरिटी स्टेटस वाले संस्थानों के लिए बाध्यकारी नहीं है.


मुलायम सरकार ने लिया था फैसला 

बतात चले कि यह आरक्षण व्‍यवस्‍था पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार के दौरान सन 2006 में लागू किया था, जिसके तहत राज्य स्तरीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सरकारी कॉलेज के साथ सभी प्राइवेट कॉलेजों में SC,ST और OBC का कोटा लागू किया गया था, यह कोटा स्नातक और परास्नातक दोनों ही कोर्सों के लिए सामान रूप से लागू किया गया था. योगी से पहले की  अखिलेश सरकार ने यूपी के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए भी आरक्षण का नियम लागू करना बाध्यकारी कर दिया था. योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के इस फैसलों को बदल दिया है.
अब इन कॉलेजों में पीजी कोर्स में नामांकन के लिए आरक्षण का नियम नहीं लागू होगा. अभी के आरक्षण नियमों के अनुसार सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी छात्रों को 15 प्रतिशत, एसटी छात्रों को 7.5 प्रतिशत और ओबीसी छात्रों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है.

संघ के आरक्षण विरोधी बयान से जोड़कर देखा जा रहा है

योगी सरकार के इस फैसले को यूपी चुनाव से पहले आरएसएस के मनमोहन वैद्य द्वारा आरक्षण नीति की फिर से समीक्षा करने वाले बयान से भी जोड़कर देखा जा है. इससे पहले बिहार चुनाव के दौरान सर संघचालक मोहन भागवत ने बिहार चुनाव से पहले आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जाने की बात कही थी

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