Budaun express is an online news portal & news paper news in Budaun .Badaun to keep you updateed with tha latest news of your own district covering

Breaking

April 9, 2017

योगी सरकार के तेवर से स्कूलों के प्रबंधकों के उड़ेे होश,



बदायूं।प्राइवेट स्कूलों की लगातार हर वर्ष फीस बढ़ाते हैं अभिभावकों की कोई सुनने वाला नहीं था जबसे यूपी में योगी सरकार सरकार तब से फ़ीस सहित अन्य उगाई खर्चों पर रोक लगाने की बात शुरू हो गई है। अब योगी सरकार इन प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर चुका है। प्राइवेट स्कूल अब अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। जनपद में कुछ स्कूलों ने तो फीस बढाई है तो कुछ ने नहीं नहीं। स्कूल प्रबंधक और अभिभावक इस मुद्दे पर क्या कहते है यह देखिये . अभिभावक हैं खुश योगी सरकार के इस फैसले से अभिभावक खुश हैं। स्कूलों में फ़ीस के अलावा कई अन्य तरह के चार्ज लेते है जैसे ड्रेस, स्कूल यूनिफार्म में बुक्स में एनसीईआरटी की बुक्स जो कि सीबीएसई में रिकमंड है। उनमें 60 % का अंतर है जो बुक्स 70 से 80 की होनी चाहिए वो 300 से उपर मिलती है कई तरह के चार्ज स्कूल ले लेता है। फीस से ज्यादा हो जाता है। हर बार 10 % चार्ज बढ़ाया जाता रहा है। कोई सुनने वाला ही नहीं था। डॉ सचिन का कहना था कि हार साल जो 10 % फीस बढाई जाती है। अगर इसमें कोई प्रॉफिट नहीं है तो हर साल एक नया इंटरनेशनल स्कूल बनके खड़ा हो जाता है जब कमाई नहीं है तो कहा से बना लेते है इसके लिए सरकार को चाहिए कोई मानक ऐसा हो जो तय हो इतनी फ़ीस ली जाये। स्कूलों को पूरे साल की फ़ीस का चार्ट देना चाहिए वही स्कूल 3 महीने की फ़ीस लेते हैं। आखिर क्यों 3 महीने की एडवांस फ़ीस वसूली जाती है। क्या हमें 3 महीने की एडवांस फ़ीस मिलती है। हम क्यों दे। बस बच्चे को पढ़ना है अब योगी सरकार शयद कुछ अच्छा कर दे। जिले में कई तरह के स्कूल
बदायूं के बिलुम्डेल स्कूल में इस वर्ष 10 से 12 % फीस बढाई गई है पम्मी मेद्दीरात्ता प्रबंधक का कहना है​ कि हमने ​फीस कुछ जादा नहीं बढ़ाई है मगर हम सुविधायें जरूर बढ़ी हैं। वही शहर के HP इंटरनेशनल स्कूल में पिछले 3 सालो से कोई भी फ़ीस नहीं बढाई है और न ही किसी तरह का कोई चार्ज लिया गया है वही प्रबंधक का कहना है कि हमे छोटे शहर में एक मेट्रो सिटी के बराबर सुविधा दी है। योगी सरकार का यह फैसला बहुत अच्छा है उसका स्वागत है। बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के .सरला सरोज बता रही है कुछ स्कूल व्यासिक है तो कुछ समाज सेवा कर रहे है हमे पिछले 37 साल पहले शरू किया क्योकि जिले में कोई अच्छा स्कूल नहीं था। हमे 37 साल में धीरे धीरे एक स्कूल बना पाए है हमने इससे कोई प्रॉफिट नही लिया जबकि हमारे स्कूल की फ़ीस जिले में सबसे काम है हर चार साल में हम फ़ीस बढ़ाते है जैसे मंगाई बढ़ेगी तभी हम फ़ीस बढ़ाएंगे। योगी का यह कदम बहुत अच्छा है जो स्कूल अपनी मनमानी कर रहे है 5,10 करोड़ लगाकर मनमानी करते है और फ़ीस बढ़ा देते है स्कूलों में जो बुक्स है 5,6 घंटों में हम पूरी किताबें पढ़ा ही नहीं पाते है।

No comments:

Post a Comment

zhakkas

zhakkas