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April 4, 2017

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गाजियाबाद : देश के नैशनल व स्टेट हाइवे पर लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अप्रैल से दोनों तरह के हाइवे के 500 मीटर दायरे में आने वाली शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था। इसके चलते गाजियाबाद से गुजरने वाले 3 हाइवे से सटी शराब की 59 दुकानें बंद हो गई थीं। वहीं, प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी ने फरमान सुनाया है कि हाइवे से हटने वाली इन दुकानों को रेजिडेंशल एरिया के 500 मीटर दायरे में नहीं खोला जा सकेगा। इसके चलते गाजियाबाद जिले में बंद हुईं 59 दुकानों के खुलने का कोई ऑप्शन नहीं बचा है। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें नए आदेश के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। आदेश मिलने के बाद नए नियम के हिसाब से शराब की दुकानें शिफ्ट की जाएंगी।

29 दुकानदारों को ज्यादा दिक्कत
बता दें कि गाजियाबाद जिले में हाइवे के पास मौजूद 59 दुकानों में से 29 को शिफ्ट करने के लिए आबकारी विभाग ने जगह भी चिह्नित कर दी थी। इसके लिए इन दुकानदारों ने नए लाइसेंस भी ईश्यू करा लिए थे। अब प्रदेश सरकार का आदेश आने के बाद उन्हें लाइसेंस की प्रक्रिया से दोबारा जूझना पड़ सकता है।
मेरठ रोड नया ऑप्शन!
सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट व प्रदेश सरकार के आदेश के बाद शराब कारोबारियों के लिए मेरठ रोड नया अड्डा बन सकता है। बता दें कि मानक पूरे नहीं करने की वजह से एनएच-58 (मेरठ रोड) से नैशनल हाइवे का दर्जा काफी समय पहले छीन लिया गया था। इसके चलते यह रोड अब सुप्रीम कोर्ट व प्रदेश सरकार के आदेश के दायरे में नहीं आता है। अनुमान है कि जिले से गुजर रहे दोनों नैशनल व एक स्टेट हाइवे से बंद होने वाली 59 दुकानें मेरठ रोड पर खुल सकती हैं।
रेवेन्यू का होगा लॉस!
जानकारों की मानें तो गाजियाबाद जिले में हाइवे किनारे से बंद हुईं शराब की 59 दुकानों को अगर मेरठ रोड पर शिफ्ट नहीं किया गया तो आबकारी विभाग को लाखों रुपये के रेवेन्यू का नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, कुछ लोग इसे राज्य में शराबबंदी की तैयारी बता रहे हैं। बता दें कि गाजियाबाद में इस वक्त शराब की 502 दुकानें हैं, जिससे आबकारी विभाग को सालभर में 890 करोड़ का रेवेन्यू मिलता है।
शराब के ठेकों को रेजिडेंशल एरिया से 500 मीटर दूर तक न खोलने का चीफ सेक्रेटरी का आदेश बेहतरीन है, लेकिन यह सिर्फ कुछ नहीं, सभी दुकानों के लिए होना चाहिए। रेजिडेंशल एरिया में शराब की दुकान होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। - सुशील जांगिड़
यह सरकार की ओर से शराबबंदी की शुरुआत जैसा लग रहा है। यह अच्छा प्रयास है, लेकिन इस नियम को सभी दुकानों पर लागू होना चाहिए। इससे लोगों को काफी समय से चली आ रही शराब की दुकानों से होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। - मनीष पाल

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