: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : मंदिर, मस्जिद और स्कूलों के पास मयखानों का विरोध

मंदिर, मस्जिद और स्कूलों के पास मयखानों का विरोध



नया वित्तीय वर्ष चालू होने के साथ जिले में कई मंदिर, मस्जिद और स्कूलों के पास भी शराब की दुकानें खुल गई हैं। लोग इसके विरोध में सड़कों पर आने लगे हैं। वजीरगंज, मूसाझाग, अलापुर और शहर में ऐसी दुकानें खुलने के बाद स्थानीय लोग खासकर महिलाएं लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरने लगी हैं। पुलिस और प्रशासन पशोपेश में है। अलापुर और मूसाझाग में मंदिर के पास शराब की दुकान खोल दी गई। शहर में मंदिर और मस्जिद के बीच शराब की दुकान और वजीरगंज में स्कूल के पास मयखाना खोल दिया गया, जिसको लेकर लोगों में आक्रोश है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक अप्रैल को हाईवे किनारे स्थित शराब की दुकानों को 500 मीटर दूर हटा दिया गया था। अब इन दुकानों को शहर में शिफ्ट किया जा रहा है। शहर के मोहल्ला कबूलपुरा होली चौक में मंदिर और मस्जिद के पास ही शराब की दुकान खोल दी गई। लोगों को इस बारे में पता लगा तो उनमें गुस्सा दौड़ गया। महिलाएं और बच्चे हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर आ गए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बात बढ़ने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, प्रदर्शन कर रहीं मजिलाएं राजी नहीं हुईं। वह शराब की दुकान हटाने की मांग पर अड़ी थीं। कोतवाली पुलिस नें इस बारे में सूचना डीएम पवन कुमार को भी दे दी। बाद में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने किसी तरह से समझाकर शांत किया।
मूसाझाग में भी थाने के पास मंदिर है। मंदिर के पास ही शराब की दुकान खोल दी गई। लोग इसका विरोध कर रहे हैं और पुलिस-प्रशासन इसे नजरअंदाज कर रहा है। मंदिर के पास शराब की दुकान होने से लोगों में गुस्सा है। अलापुर में मंदिर के पास शराब की दुकान खोल दी गई है। लोगों ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की। दुकानों की शिफ्टिंग में आबकारी विभाग चोरी छिपे काम कर रहा है। वजीरगंज में पुसगवां रोड पर स्कूल के पास शराब की दुकान खोल दी गई है। इसको लेकर भी स्थानीय लोगों में गुस्सा है। आबकारी विभाग और प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है।

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