: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 02/22/17

3 लाख भारतीयों को छोड़ना पड़ सकता है US, ट्रम्प ने सख्त किए इमिग्रेशन रूल्स




वॉशिंगटन.अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे लाखों लोगों पर देश से बाहर किए जाने का खतरा पैदा हो गया है। इनमें ऐसे भी लोग शामिल हैं, जो ट्रैफिक रूल्स तोड़ने जैसे छोटे मामले में कभी अरेस्ट हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने मंगलवार को इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट को सख्त बनाने वाली पॉलिसी को लेकर दो मेमो जारी किए। इसके बाद से बिना डॉक्युमेंटेशन के रह रहे सवा करोड़ इमिग्रेंट्स पर निकाले जाने का खतरा बढ़ गया है। 3 लाख भारतीय अमेरिकियों को भी खतरा...

- होमलैंड सिक्युरिटी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी जॉन केली ने इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट को लेकर दो मेमो जारी किए हैं।
- इसके तहत, अमेरिका में गैरकानूनी रूप से रह रहे इमिग्रेंट्स देश छोड़ने की लिस्ट में सबसे पहले आएंगे।
- साथ ही, उन इमिग्रेंट्स को भी शामिल किया जाएगा, जो किसी क्राइम के दोषी पाए गए हों या फिर किसी मामले के सस्पेक्ट हों।
- इसमें चोरी और बॉर्डर क्रॉस करने जैसे मामलों में भी अरेस्ट हुए इमिग्रेंट्स को शामिल किया जाएगा।
- इसके बाद से बिना डॉक्युमेंटेशन के रह रहे सवा करोड़ इमिग्रेंट्स पर निकाले जाने का खतरा बढ़ गया है। इमिग्रेशन पॉलिसी में इस बदलाव का असर 3 लाख भारतीय अमेरिकियों पर भी पड़ेगा।
- नई गाइडलाइन के तहत पकड़े जाने वाले लोगों को साबित करना होगा कि वे अमेरिका में लगातार दो साल से रह रहे थे। साबित नहीं कर पाने पर उन्हें बिना किसी अदालती कार्यवाही के देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।
- बता दें कि ये निर्देश ट्रम्प के इलेक्शन कैम्पेन में किए गए वादों का नतीजा है, जिसमें उन्होंने इमिग्रेशन लॉ को और मजबूत करने को कहा था।
दो कैटेगरी में रखे गए इमिग्रेंट्स
- ओबामा के दौर में देश में गैरकानूनी तौर पर रह रहे इमिग्रेंट्स को अकेला छोड़ दिया जाता था।
- अब इमिग्रेंट्स को दो कैटेगरी में रखा गया है। एक वो जिन्होंने बिना परमिशन बॉर्डर क्रॉस किया और दूसरे वो जो देश में वीजा में तय वक्त से ज्यादा दिनों तक रह रहे।
- ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के नए मेमो के मुताबिक, गैरकानूनी तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर यूएस आना क्राइम है। ऐसे इमिग्रेंट्स को सबसे पहले यूएस छोड़ना होगा।
- हालांकि, वीजा से ज्यादा वक्त तक रहने को अपराध नहीं माना जाएगा। लिहाजा, ऐसे इमिग्रेंट्स को देश निकाले के लिए तैयार की जाने वाली प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं रखा जाएगा।
मेक्सिको भेजने की होगी कोशिश
- नई गाइडलाइन में एक पुराने कानून को भी लागू करवाने की बात की गई है, जिसके तहत सीमा पर पकड़े गए लोगों को जबरन मेक्सिको भेजा जा सकता है, वो चाहे जिस भी देश के हों।
- हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि अमेरिका के पास विदेशी लोगों को जबरन मेक्सिको भेजने का अधिकार है या नहीं।
मेक्सिको का रिएक्शन
- अमेरिका में मेक्सिको के एम्बेसडर गेरोनिमो गुतिरेज ने पॉलिसी में यह बदलाव बेहद गंभीर बताया है।
- उन्होंने कहा कि ये बदलाव फॉरेन रिलेशन डिपार्टमेंट, मेक्सिको सरकार और वहां के सभी लोगों के लिए चिंता की बात है।
पहले 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर लगाया था बैन
- इससे पहले ट्रम्प ने 27 जनवरी को 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर बैन लगाया था, उनमें इराक, ईरान, लीबिया, सूडान, सीरिया, सोमालिया और यमन थे।
- तब व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ द स्टाफ रींस प्रीबस ने कहा था, "हमने इन 7 देशों को चुना तो इसकी एक खास वजह है।"
- "कांग्रेस और ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन, दोनों ने इन 7 देशों की पहचान कर रखी थी कि वहां खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।"
- प्रीबस ने कहा था, "अब आप कुछ अन्य ऐसे देशों की ओर भी इशारा कर सकते हैं, जहां एक तरह की समस्याएं हैं, जैसे पाकिस्तान और कुछ अन्य देश।"
- "शायद हमें इसे और आगे ले जाने की जरूरत है। फिलहाल, इन देशों में जाने और वहां से आने वाले लोगों की गंभीरता से जांच-पड़ताल की जाएगी।"

अयोध्या: सभी धार्मिक ट्रस्टों को आयकर विभाग का नोटिस




फैजाबाद  | इनकम टैक्स विभाग ने सभी धार्मिक ट्रस्टों और अयोध्या के बड़े मंदिरों से 8 नवंबर तक बैलेंस शीट दिखाने को कहा है। आईटी विभाग हरकत में तब आया जब उसे पता चला कि अधिकतर धार्मिक ट्रस्टों में ब्लैक को वाइट बनाने का काम शुरू हो चुका है।

विभाग ने धार्मिक ट्रस्ट चलाने वाले राजघरानों को नोटिस जारी किया है कि वह नोटबंदी की घोषणा से पहले की बैलेंस शीट दिखाएं। आईटी कमिश्नर विजय कुमार ने कहा, 'हमने सभी धार्मिक ट्रस्टों को नोटिस जारी कर दिया है। ऐसे सभी ट्रस्ट जिनके अकाउंट में गड़बड़ी होगी उन पर ऐक्शन लिया जाएगा।'

एक मंदिर के प्रवक्ता ने कहा, 'हमें घबराने की जरूरत नहीं, हम आईटी रिटर्न भी फाइल करते हैं। लेकिन कुछ ट्रस्ट गड़बड़ियां कर रहे हैं।' कई मंदिरों ने भक्तों से पुराने नोट डोनेट करने से मना किया हुआ है। जिससे उनकी बैलेंस शीट क्लियर रह सके।

1000 के नए नोट अभी नहीं, ATM में No Cash पर सरकार गंभीर



1000 के नए नोट आने की खबरों के बीच सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा है कि अभी 1000 के नए नोट नहीं आएंगे। उन्होंने ने कहा है कि बैंक अभी 500 और कम मूल्य वर्ग के नोटों की सप्लाई पर ध्यान दे रहा है।

आरबीआई द्वारा 1000 के नए नोट छापे जाने की अफवाहों के बीच आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने बुधवार को द्वीट करते हुए कहा कि, "1000 के नोट छापने की कोई योजना नही है, सारा ध्यान अभी 500 व अन्य छोटे नोटों के उत्पादन और आपूर्ति पर है।"
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि एटीएम में 'कैश की कमी' की शिकायतों को नोट किया जा रहा है और लोगों के अनुरोध करते हैं कि वे उतना ही पैसा निकालें जितने की उन्हें जरूरत है।
पिछले दिनों एक अंग्रेजी अखबार ने केंद्र सरकार के सीनियर ऑफिसर के हवाले से कहा था कि नोटबंदी के बाद अमान्य हुए 1000 रुपये के नोटों की जगह नए नोट बाजार में आएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक ने 1000 रुपये की नई करंसी की प्रिंटिंग का काम शुरू कर दिया है केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक की योजना 500 और 1000 रुपये की नई करंसी को एक साथ जारी करने की थी, लेकिन 8 नवंबर के बाद 2000 रुपये की करेंसी जारी होने के बाद मची अफरातफरी के बीच रिजर्व बैंक और सरकार ने 500 रुपये की करंसी को जल्दी जारी कर दिया था।
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि बाजार में उतारी जाने वाली नई 1000 रुपये की करंसी में भी सुरक्षा मापदंड के साथ मंगलयान की फोटो देखने को मिलेगी। रिजर्व बैंक ने बेहतर सुरक्षा फीचर्स और मंगलयान की फोटो से युक्त 2000 रुपये और 500 रुपये की नई करंसी जारी की है।
बता दें कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और हजार रुपये के नोटों को अमान्य करार दे दिया था, जिसके बाद बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लग गई थीं।

आपको बता दें कि इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार ने एक हजार रुपये का नया नोट मार्केट में लाने की तैयारी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक हजार रुपये के नए नोटों की छपाई भी शुरू हुई थी।

हालांकि वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने इस तरह की चर्चाओं को अफवाह करार दिया है। गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करार दिया था।

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